बजट की आदत डालें । जानिए क्या फायदे है इसके !

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हमें अपने घर में बजट बनाने की आदत डालनी चाहिए। कैलेंडर के हिसाब से बात की जाए तो 1 अप्रैल से 31 मार्च का समय कामकाज के लिए माना जाता है, इसी कारण ही केंद्र और राज्य सरकार फरवरी के महीने में सदन में नया बजट पेश करती हैं।  बजट का मतलब होता है आमदन और खर्च का अनुमान! इसी प्रकार हमें अखबारों और टीवी पर बजट की चर्चा पढ़ने और सुनने को मिल जाती है।

क्या आपने कभी अपने घर का बजट बनाया है? क्या आपने कभी हिसाब लगाया है कि आप घरेलू खर्चों में आप की आमदन का कितना हिस्सा खर्च हो रहा है।

और पब्लिक के लिए आप कितना बजट कर रहे हो? जैसे कि सरकार बजट करती हैं | इसी तरह आपको भी बजट की आदत डालनी चाहिए। आप भी अपने घर के गृह मंत्री और वित्त मंत्री हैं, इसीलिए घर के बजट बनाने से लेकर लागू करने तक  आप की जिम्मेवारी है। इसीलिए आपको घर में बजट बनाने की आदत डालनी चाहिए ।

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बजटिंग का मतलब क्या है?

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घरेलू बजटिंग का मतलब है कि घर के सभी खर्चो का हिसाब लगाना। इसकी मदद से आप हिसाब लगा सकते हैं कि आपकी आमदनी में कितना खर्च होता है और कितना इसमें से बचता है। समय पर बच्चों की फीस, पानी, बिजली, अखबार, बिल का भुगतान करना और अधिक प्रकार के काम जो हम घर को सजाने के लिए करते हैं इसका हिसाब रखना घरेलू बजट में आता है। इसी तरह इसे (बजटिंग का मतलब) बजटिंग कहते हैं।

बजटिंग का मतलब ही बचत करना है । अगर आप अपने घर का बजट बनाना चाहते हैं तो इसका सबसे बड़ा उपाय यह है कि आप अपने खर्चे के लिए अलग-अलग योजना बनाएं। जैसे बिजली का बिल, किराने का सामान आदि। इन सभी को अलग अलग रखकर इनका बजट बनाएं और देखें कि इनका अलग-अलग बजट कितना बन रहा है, उसके हिसाब से हमें अपनी आमदन में कितना खर्च हुआ है वह पता चल जाएगा।

और इसमें कितनी बचत हुई है उसके बारे में भी जानकारी मिल जाएगी। इस प्रकार आपके आमदन में कुछ राशि बजती है तो वह आप अगले महीने के लिए बचा कर रख सकते हो,और आप अपनी बचत के रूप पर इसे अलग भी रख सकते हो।

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कई बार हमें नहीं पता होता है कि कौन सा पैसा कहां पर लगा लेकिन हम इसका हिसाब रखेंगे तो हमें सब कुछ पता होगा कि कौन सा पैसा कहां पर लगा और इसमें कितने बचत हुए । इसी तरह सभी हिसाब रखने के लिए हमें घर में बजट बनाने की आदत डालें ।

बचत योजना बनाकर करें

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बजट की आदत डालें

शुरू में अपनी छोटी और बड़ी जरूरतों और इच्छाओं की एक लिस्ट बना लें और देखेगी खर्चा को जरूरतों और इच्छाओं के दरमियान बांटने से आपको पता चल जाएगा कि जीने के लिए कौन सी चीज आपके लिए आवश्यक है और कौन सी चीज आपके जीवन को बेहतर बना सकती है और इन पर कितना कितना खर्च हो रहा है आपको अपने महा की आमदन के हिसाब से चलना होगा और इसके आधार पर ही खर्च करना होगा और आपके जीवन को जो चीजें बेहतर बनाने वाली है ।

उनको आप अलग-अलग माह में बांटकर ले सकते हैं, इसी तरह आपको एक बात याद रखनी चाहिए बचत को बचत योजना बनाकर करें। बचत योजना बनाकर करें यह तो कोई भी मुश्किल नहीं आएगी।

इस तरह अपनी आमदन का Budget इस तरह तैयार करें कि पूरे साल का पूरा पूरा Budget निकाला जा सके। इस तरह आप की आमदन को उन सब तरह की आमदन से दूर रखें जैसे कि बच्चों की स्कॉलरशिप , मकान का किराया आदि।दूसरी साइड की लिस्ट लंबी होगी |

Budget

अपने घर के मेंबरों को साथ में बिठाकर सभी खर्चों को एक साथ सूची बंद करें और पिछले वर्ष की कुल खर्च और महंगाई के कारण इस साल के खर्चों को थोड़ा बड़ा कर जोड़ें। इसके बाद देखेंगे आपकी सालाना आमदनी में यह फिट हो रहा है या नहीं।

सिर्फ और सिर्फ यह Budget बनाना ही काफी नहीं है और कागजी तौर पर इसे लागू करना काफी नहीं है इसको अपनी स्वयं की जिंदगी में इस्तेमाल करना होगा भी हम बजटिंग की आदत बना पाएंगे। एक पूरी तरह से सही बजट वही होगा जो आप की सभी जरूरतों को पूरा करने में सफल हो। बच्चों में डालें बचत की आदत

इस तरह कुछ दिनों के बाद बजट का पूरा विश्लेषण भी करना चाहिए। इस तरह शादी और घर के रखरखाव के सम्मान के खराब हो जाने और इसी तरह के अचानक आने वाले खर्चों को भी अलग से बजट में जोड़ना होगा अगर आपके परिवार में बच्चे और नौजवान मेंबर हैं तो अच्छा होगा कि

उनको भी इन इसकी जानकारी दी जाए कि इस आमदनी को पूरे महीने में कैसे इस्तेमाल करना है और बच्चों को भी सिखाएंगे बजट कैसे तैयार किया जाता है और जब आप बच्चों को यह सब बताएंगे तो आप यह देख कर हैरान हो जाएंगे कि बच्चे आपको बजट के रिलेटेड कई उपयोगी उपाय देंगे।

टीचा निर्धारित करें

आप हर महीने कुछ पैसे बचाने का टीचर बनाएं और इसके साथ कुछ हासिल करने पर खुशी खुशी महसूस करें चाहे वह मोबाइल हो जा छुट्टी पर बाहर जाने का कोई प्रोग्राम हो। इसके लिए एक तरीका है कि आप क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल से बचें और एटीएम से चीजें खरीदने से बचें बजट बढ़ाने का मतलब यह नहीं है कि आप किसी मुश्किल में पड़ जाए।

यह कोई बंधन नहीं होना चाहिए यह स्वतंत्र रूप से होना चाहिए। एक अच्छा बजट आपको पैसे पर कंट्रोल के रूप में बड़ी ताकत देता है। इसके आधार पर आप अपने खर्चों को बहुत ही अच्छे तरीके से बनाते हैं। और अपने खर्चों को कंट्रोल कर सकते हैं।

अपनी बुनियादी जरूरतें तय करें

आपको अपने खर्चों की शुरू की जरूरतों को जिसके आधार पर आप अपनी आमदनी के हिसाब से खर्च कर सकते हैं।

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बजट हर वर्ष बनाए (बजट हर वर्ष कैसे बनाए)

बजट हर वर्ष बनाए । जटिंग को अपनी आदतों में शामिल करें अगर इसको बनाने में कुछ समय लग भी जाए और अगर यह मुश्किल लगे तो भी इस काम को करो। अगर आप को इसमें कुछ दिक्कत आती है तो इसको आसान बनाएं अपने खर्चों को लिखें और फिर Budget बनाएं अगर आप ऐसा नहीं करते तो इस Budget के लिए गंभीर हो सकता है।

अगर आपको बोनस जा लाभ हो तो बड़े बड़े खर्चों के लिए पैसा बचाएं जैसे कि शादी पर होने वाले खर्चे और अलग-अलग त्योहारों पर होने वाले खर्चे के बारे में पता लगाने के लिए हमें घर में बजट बनाने की आदत डालें ।

बच्चों में डालें बचत की आदत

बच्चों में डालें बचत, बजटिंग का मतलब

हमें बच्चों में भी budget की आदत डालनी चाहिए । ताकि बच्चे भी हमें नए नए तरीके बता सके बजटिंग के, बचत करने से हमारे बहुत ही ज्यादा Money भी बचते हैं। बच्चों को यह सब सिखाना बहुत ही अच्छी बात है। इसीलिए हमें बच्चों को भी budget की आदत डालनी चाहिए | इसीलिए हमें बच्चों में डालें बचत की आदत

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